सूरत, 2 नवंबर। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टेक्सटाइल क्षेत्र की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के चौथे चरण (Round-4) की घोषणा, योजना की अवधि वित्त वर्ष 2033-34 तक बढ़ाने तथा आवेदन पोर्टल दोबारा खोलने के निर्णय का टेक्सटाइल एवं गारमेंट ट्रेड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है।
टेक्सटाइल गारमेंट ट्रेड इंडस्ट्रीज के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने इस फैसले को भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए ऐतिहासिक और गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने योजना में ऐसे महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनसे मध्यम आकार के निर्माताओं और अधिक पात्र उद्यमों की भागीदारी का रास्ता खुलेगा। विशेष रूप से न्यूनतम टर्नओवर की सीमा आधी करना उद्योग के लिए बड़ी राहत है।
योजना के पार्ट-2 के अंतर्गत न्यूनतम टर्नओवर की अनिवार्य सीमा ₹200 करोड़ से घटाकर ₹100 करोड़ कर दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य मध्यम आकार के निर्माताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना तथा नए निवेश को आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा PLI योजना की अवधि बढ़ाना, टर्नओवर की सीमा घटाना और आवेदन पोर्टल दोबारा खोलना उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप सकारात्मक कदम हैं। इन निर्णयों से निवेशकों को दीर्घकालीन योजना बनाने का भरोसा मिलेगा और मध्यम आकार के निर्माताओं को भी आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सूरत देश का प्रमुख मानव निर्मित फाइबर (MMF) टेक्सटाइल केंद्र है। यहां के टेक्सटाइल निर्माताओं के लिए MMF फैब्रिक्स, गारमेंट्स और टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करने, आधुनिक मशीनरी अपनाने तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं।
बोथरा ने देशभर के टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माताओं से अपील की कि वे इस योजना की पात्रता और दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर 31 दिसंबर 2026 से पहले अपना आवेदन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि योजना का वास्तविक लाभ तभी व्यापक रूप से मिलेगा, जब पात्र निर्माताओं को आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध मिलेगी।










