रिफंड, ITC और पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार से ‘व्यापार सुगमता’ बढ़ेगी : चम्पालाल बोथरा

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सूरत, 8 अक्टूबर। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित 57वीं GST काउंसिल बैठक में व्यापारियों, MSME, टेक्सटाइल उद्योग और निर्यातकों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य GST व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाना है।

CAIT के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट एवं नेशनल टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के नेशनल चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने बैठक के निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि इन फैसलों से व्यापारियों की कार्यशील पूंजी, अनुपालन प्रक्रिया और कारोबार की गति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मीटिंग के निर्णय में GST मामलों में गिरफ्तारी संबंधी प्रावधान को समाप्त करने की दिशा में निर्णय लिया गया है, जिससे ईमानदार करदाताओं का भरोसा बढेगा। अभियोजन शुरू करने की मौद्रिक सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है।जहां किसी विशेष दंड का प्रावधान नहीं है, वहां सामान्य वित्तीय दंड ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 किया गया है। रिफंड आवेदन की पावती की समय-सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन की गई है। लगभग 90 प्रतिशत पात्र रिफंड दावों को जोखिम-आधारित प्रणाली के माध्यम से तेजी से स्वीकृत किया जाएगा।

 बोथरा ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग के लिए Input Services पर ITC रिफंड का विस्तार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। सूरत जैसे प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में कार्यशील पूंजी समय पर व्यापार में वापस आने से उत्पादन, रोजगार और बाजार की गति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि GST सुधारों की दिशा अब ऐसी होनी चाहिए जिसमें व्यापारी का समय और पूंजी अनावश्यक प्रक्रियाओं में न फंसे तथा तकनीक के माध्यम से ईमानदार करदाताओं को अधिकतम सुविधा मिले।