सूरत, 22 अगस्त। शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एंड टेक्सटाइल एसोसिएशन, वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय (VNSGU), डायरेक्टरेट जनरल ऑफ टैक्सपेयर सर्विसेज (DGTS) तथा टेक्सटाइल कमिश्नर कार्यालय के प्रतिनिधि के साथ सूरत में टेक्सटाइल उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए शैक्षणिक, व्यावसायिक और कौशल विकास कोर्स एवं टेक्सटाइल उनीवर्सिटी शुरू करने को लेकर एक महत्वपूर्ण मीटिंग आयोजित की गई।
मीटिंग में FOSTTA के अध्यक्ष हंसराज जैन एवं महासचिव दिनेश कटारिया, VNSGU के माननीय कुलपति डॉ. किशोरसिंह चावड़ा, कुलसचिव डॉ. आर. सी. गढ़वी तथा VNSGU सेंटर ऑफ स्किल के डॉ. भावेश वणपरिया एवं सरकार की ओर से चंचल कुमार तिवारी (IRS), जॉइंट डायरेक्टर,DGTS तथा टेक्सटाइल कमिश्नर कार्यालय के प्रतिनिधि निलय पंड्या उपस्थित रहे।
मीटिंग में सूरत के टेक्सटाइल उद्योग की वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ आने वाले समय में उद्योग को किस तरह के कुशल लोगों की आवश्यकता होगी, इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। उद्योग की जरूरत के अनुसार ऐसे कोर्स तैयार करने पर जोर दिया गया, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ टेक्सटाइल क्षेत्र में काम कर रहे व्यापारियों, कर्मचारियों, प्रोफेशनल्स और उद्यमियों को भी इसका लाभ मिल सके।
मीटिंग में टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न सर्टिफिकेट,डिप्लोमा और स्किल डेवलपमेंट कोर्स शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।इनमें टेक्सटाइल ट्रेड,बिजनेस मैनेजमेंट, टेक्निकल टेक्सटाइल, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, मेनमेड टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल केमेस्ट्री, फेशन टेक्नोलोजी एवं गार्मन्ट ट्रेडिंग के थियरी और प्रेक्टिकल के कोर्स शामिल करने पर विचार किया गया। FOSTTA के प्रतिनिधियों ने सूरत के टेक्सटाइल उद्योग में रोजमर्रा के कामकाज के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और बदलती जरूरतों के बारे में अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जो भी कोर्स तैयार किए जाएं, उनमें केवल किताबी जानकारी ही नहीं, बल्कि उद्योग में काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी को भी शामिल किया जाना चाहिए। FOSTTA के उद्योग अनुभव, VNSGU की शैक्षणिक विशेषज्ञता और सेंटर ऑफ स्किल की क्षमता के साथ तथा सरकारी विभागों के मार्गदर्शन को जोड़कर ऐसे कोर्स तैयार किए जा सकते हैं, जो सूरत के टेक्सटाइल उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुसार हों।
मीटिंग के दौरान उपस्थित सभी ने इस दिशा में सकारात्मक रुख व्यक्त किया, कहा कि विद्यार्थियों और वर्तमान में उद्योग से जुड़े लोगों को आधुनिक एवं रोजगार से जुड़े कौशल उपलब्ध कराने के लिए उद्योग और सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना होगा।











