ट्रेडर्स भाइयों से पुराने ग्रे का पुराने रेट पर ही जॉब कराने का आग्रह
सूरत, 5 सितंबर। गत 3 सितंबर को सायंकाल छह बजे साउथ गुजरात टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (एसजीटीटीए) की कोर कमेटी की एक आवश्यक बैठक रघुकुल मार्केट स्थित संस्था के नए कार्यालय में आयोजित की गई। प्रोसेस हाउस द्वारा जॉब चार्ज बढ़ाने के एकतरफा निर्णय से उत्पन्न परिस्थिति पर विचार विमर्श के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया। बैठक मे उपस्थित व्यापारियों ने पुराने ग्रे पर भी नया जॉब चार्ज लागू करने के प्रोसेस हाउस के निर्णय को सभी ने अव्यवहारिक बताया।
उल्लेखनीय है कि प्रोसेसर्स एसोसिएशन के अभी हाल ही रॉ मटेरियल जैसे कोयला, कलर कैमिकल इत्यादि की मूल्यवृद्धि के एवज में जॉब चार्ज बढ़ाए जाने के कदम पर कोर कमेटी ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यूं तो 15 मार्च और 15 जून को कुछ मिलों ने जॉब चार्ज बढ़ोतरी की लिस्ट जारी की थी। पर हाल ही में प्रोसेस हाऊसों ने नए-पुराने ग्रे पर नई प्राइज लिस्ट लागू करने का निर्णय लिया है। इस कदम का एसजीटीटीए कड़ा विरोध करती है। एसोसिएशन ने सभी ट्रेडर्स भाइयों से आग्रह किया है कि पुराने ग्रे का पुराने रेट पर ही जॉब कराएं।
एसजीटीटीए ने प्रोसेसर्स भाइयों से भी निवेदन किया है कि आज की घड़ी में व्यवहारिक निर्णय लेकर व्यापार व्यवहार में उत्पन्न हुए अनावश्यक अवरोध को दूर करें और पुराने ग्रे पर पुराने रेट लगाकर इस घर्षण को समाप्त करें। साथ ही नई रेट लिस्ट परस्पर विचार विमर्श के बाद ही जारी करें। आज टेक्सटाइल सेक्टर वैसे भी तमाम चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में नया विवाद खड़ा करने के स्थान पर परस्पर सहमति और विचार विमर्श का मार्ग ही व्यापार के लिए लाभकारी होगा। यह हम सबको समझने की जरूरत है।
कोर कमेटी की मीटिंग में संस्था के चेयरमैन सुनील कुमार जैन, अध्यक्ष सचिन अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील मित्तल, उपाध्यक्ष नितिन गर्ग, उपमंत्री महेश जैन, सारंग जालान,रोशन लाल उपस्थित रहे।
फोस्टा के रवैये से व्यापारियों मे नाराजगी
साउथ गुजरात टेक्सटाईल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने आगामी 7 सितंबर से प्रोसेस माल पर 15 प्रतिशत भाव बढाकर बिलिंग करने का निर्णय लिया है और यह 15 प्रतिशत बढोत्तरी मिलों मे पड़े हुये पुराने ग्रे पर भी लागू होगा। एसजीटीटीए की कोर कमेटी ने अपनी बैठक मे भाव बढोत्त्तरी का जिस तरह कड़ा विरोध किया है उससे व्यापारी वर्ग खुश है। दूसरी ओर कपडा बाजार की सबसे बडी संस्था होने का दम भरने वाली फोस्टा का रवैया इस मामले अभी तक ढुल-मुल ही रहा है और फोस्टा के पदाधिकारीगण अभी तक रायशुमारी तक ही सीमीत है। व्यापारियो का आक्रोश इस बात को लेकर है कि 7 सितंबर से प्रोसेसर्स एसो.ने बढाकर बिलिंग करने का निर्णय लिया है लेकिन फोस्टा ने महज एक बैठक करके इस मामले मे इतिश्री कर ली है जबकि अग्रणी संस्था को अबिलंब आगे आकर कडा़ विरोध करना चाहिये था लेकिन फोस्टा के पदाधिकारीगण पता नही किनके दबाव मे है?











