
ओवर वैल्यूएशन की हद: 1.5 करोंड़ के डायमंड को बताया लगभग 80 करोंड़ का
सूरत, 24अप्रैल। एक हफ्तें पूर्व सचिन स्थित स्पेशल ईकोनोमिक जोन मे सूरत डी आर आई द्वारा डाले गये छापे मे चौंकाने वाला सच सामने यह आया कि यहां सब कुछ ठीक नही है। यहां स्थित गोल्ड, डायमंड एवं सिल्वर (ज्वेलरी) मैन्युफैक्चरिंग ईकाईयाें मे से कुछ हाईली ओवर वैल्यूएशन कर रही है अथवा कुछ डायवर्जन। महज दो माह पूर्व ही वापी डीआरआई ने यहां छापा मारकर एक कंपनी से डायवर्जन का मामला उजागर किया था और महज दो माह बाद ही सूरत डीआरआई के छापे मे कई गुना अधिक ओवर वैल्यूएशन के मामले ने विभागीय उच्चाधिकारियों के होश उडा दिया है।
डीआरआई सूत्रों के अनुसार एक हफ्ते पूर्व सूरत डीआऱआई ने सचिन सेज स्थित जेनिश इटरनेशनल प्राईवेट लिमिटेड मे छापा मारा था । छापे के दौरान आयात किये गये डायमंड कंसाईनमेंट्स को जब्त करके डीआरआई अधिकारियो ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि पार्टी ने आयात किये गये डायमंडस की आन पेपर कीमत उसके असली कीमत से कई गुना अधिक दिखा रखी थी। सूत्रों की मानें तो लगभग 1.5 करोड के हीरों को लगभग 60-80 करोड़ रूपयों का दिखाया गयां। अधिकारियो नो बतासा कि फिलहाल कंसाइनमेंट को जब्त करके जांच चालू है एवं डायमंड के असली कीमत का पता लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सेज स्थित मेसर्स जेनिश इण्टर नेशनल प्राईवेट लिमिेड मे दो भागीदार है जिनमे से सूरत के मोटा वराछा का गिरिश बोडर तथा दूसरा मुंबई का जयेश देसाई है विभागीय सूत्रों की मानो तो इनमें से अभी तक किसी की गिरफ्तारी नही हुई है डीआरआई सूत्रों के अनुसार दोनो फरार है एवं विभागीय जांच जारी है ।
बगैर परमिशन का उत्पादन
चौंकानें वाली जानकारी यह भी सामने आई है कि कंपनी के पास सिल्वर ज्वेलरी के उत्पादन को लेकर कोई परमिशन नही था। हैरत इस बात को लेकर है कि नाक के नीचे चल रहे कंपनियो के इस खेल की भनक कस्टम अधिकारियों को क्यों नही है? अब सवाल यह भी उठता है कि उत्पादन को लेकर क्या कभी फिजिकल वेरिफिकेशन नही हुआ जिससे पता चल सके कि इस कंपनी का असल उत्पाद क्या है?
खबर दर्पण के पास सेज स्थित गोल्ड एवं सिल्वर ज्वेलरी कंपनियों की एक फेहरिस्त सूची है जो सेज नियमों के खिलाफ अनियमितताओं मे संलिप्त है जिन्हे क्रमश: प्रकाशित किया जायेगा।














