इंडस्ट्री के मुद्दों पर मुख्यमंत्री के समक्ष चैंबर का प्रेजेंटेशन

सूरत 24अप्रैल। द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी के नेतृत्व में वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला के नेतृत्व मे पदाधिकारियों ने बीते गुरुवार को सूरत में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की और इंडस्ट्री के अलग-अलग ज़रूरी मुद्दों पर एक डिटेल्ड प्रेजेंटेशन दिया।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कोविड के समय में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) जैसी राहत स्कीम को मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए फिर से लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा, यह भी रिक्वेस्ट की गई कि इंडस्ट्रियलिस्ट को छह महीने के मोरेटोरियम के साथ कोलैटरल फ्री लोन उपलब्ध कराए जाएं।

मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात की वजह से गैस सप्लाई में पैदा हो रही अनिश्चितता को दूर करने और गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को और तेज़ और कुशल बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया। कहा गया कि यह स्थिति इंडस्ट्री के लिए चिंताजनक है क्योंकि गैस की कमी की वजह से मज़दूर सूरत छोड़कर अपने होमटाउन जा रहे हैं। मज़दूरों के माइग्रेशन को रोकने के लिए गैस सप्लाई सिस्टम को तुरंत तेज़ करने की मांग की गई।

उधना रेलवे स्टेशन पर हाल ही में एडवांस प्लानिंग और सही इंतज़ाम की कमी की वजह से हुई अफरा-तफरी को रोकने के लिए गुजरात सरकार ने रेल मंत्रालय के साथ मिलकर एक अच्छे प्लान के साथ मज़दूरों को सूरत वापस लाने के लिए और ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा हालात की वजह से सूरत छोड़कर अपने वतन लौटे मज़दूरों को सूरत वापस लाना बहुत ज़रूरी है।

मुख्यमंत्री ने चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की सभी बातों को शांति से सुना और भरोसा दिलाया कि इंडस्ट्री के मसलों को ठीक से हल करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जायेंगे।