आयकर विभाग की ओर से आयोजित “प्रांरभ 2026” मे उधोग- व्यापार जगत की हस्तियों ने लिया हिस्सा

                    ( दिनेश पाण्डेय द्वारा)

सूरत, 22मई। मजूरा गेट स्थित आयकर भवन की ओर से बीते 21 मई को सुबह 10:30 बजे द्वारका हॉल महाराजा अग्रसेन भवन सिटी लाईट मे प्रारंभ-2026 का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों और कार्यान्वयन के संबंध में जागरूकता पैदा करना और हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करना था। इस कार्यक्रम में सूरत के मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. एन. सी. स्वाइँ, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। प्रिय रंजन घोष प्रधान आयकर निदेशक (जांच) एवं आयकर विभाग से सम्बंधित सभीअधिकारी मौजूद रहे ।

कार्यक्रम में व्यापार उद्योग वस्त्र क्षेत्र एवं पेशेवर संगठनों के अनेक प्रमुख प्रतिनिधियों ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की जिनमें  जगदीशभाई खुंट अध्यक्ष सूरत डायमंड एसोसिएशन, सीए राहुल अग्रवाल अध्यक्ष आईसीएआई सूरत, जीतूभाई वखारिया दक्षिण गुजरात वस्त्र प्रसंस्करण संघ, कैलाश हकीम अध्यक्ष सूरत व्यापार एवं वस्त्र संघ महासंघ, सहित अन्य गणमान्य प्रतिनिधि जिनमे प्रमुख रूप से जे. पी. अग्रवाल, प्रमोद चौधरी, भरत उंघड़, रोहन देसाई,  डॉ. फारुख पटेल उपस्थित रहे l यह जागरूकता अभियान आयकर विभाग की करदाताओं के प्रति जागरूकता, पारदर्शिता तथा हितधारकों के साथ सहभागिता को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्य अतिथि डॉ. एन. सी. स्वाइँ ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान वैश्विक डिजिटल परिवेश एवं तकनीकी क्रांति को ध्यान में रखते हुए नए आयकर अधिनियम, 2025 को अधिसूचित किया गया है। उन्होंने उदाहरण सहित बताया कि पूर्व में वेतन संबंधी प्रावधानों की जानकारी के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के विभिन्न खंडों का अवलोकन करना पड़ता था, जबकि अब इन प्रावधानों को सरल बनाकर एक ही खंड में समायोजित किया गया है, उन्होंने व्यवसाय से आय, capital gain income from othersource से सम्बंधित सरलीकृत प्रव्धानोप को भी सरलीकृत रूप में वताया । इससे सामान्य करदाता बिना किसी विशेषज्ञ की सहायता के कर संबंधी प्रावधानों को समझ एवं उनका अनुपालन कर सकेगा जिससे करदाताओं के लिए नियमों को समझना और उनका पालन करना अधिक सुगम होगा।

कार्यक्रम के संयोजक यू.बी. मिश्रा, प्रधान आयकर आयुक्त-1 ने अपने संबोधन में कहा कि आयकर अधिनियम, 1961 के जटिल प्रावधानों को सरल एवं सुगम स्वरूप प्रदान करते हुए नए आयकर अधिनियम, 2025 को अधिसूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए अधिनियम के लागू होने से करदाताओं को आयकर संबंधी विवरणियां तैयार करने में सुविधा होगी तथा प्रावधानों के सरलीकरण से अनावश्यक कानूनी विवादों में भी कमी आएगी