
मुंबई 29अप्रैल। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय द्वारा फरवरी 2026 के लिए 14 कर्मचारियों को महाप्रबंधक का “मैन ऑफ द मंथ” संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पश्चिम रेलवे मुख्यालय, मुंबई में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। इन कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया, जिससे संभावित अप्रिय घटनाओं को रोकने तथा सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिला। सम्मानित कर्मचारियों में मुंबई सेंट्रल एवं राजकोट मंडल से तीन-तीन, अहमदाबाद मंडल से चार, रतलाम मंडल से दो तथा वडोदरा एवं भावनगर मंडलों से एक-एक कर्मचारी शामिल थे।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुंबई सेंट्रल मंडल के तीन कर्मचारियों को उनकी सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया। टिंबरवा स्टेशन पर कार्यरत स्टेशन मास्टर अनिल कुमार केशरी ने ड्यूटी के दौरान एक गुजरती पैसेंजर ट्रेन के पीछे स्थित ट्रॉली में आग लगते हुए देखा। उन्होंने तुरंत लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर को सूचित कर ट्रेन रुकवाई तथा अग्निशमन कार्य में समन्वय स्थापित किया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। वरिष्ठ सहायक लोको पायलट मनजीत सिंह को उनकी तकनीकी दक्षता एवं सूक्ष्म निरीक्षण के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने एक लोकोमोटिव निरीक्षण के दौरान बोगी असेंबली में महत्वपूर्ण पुर्जों की कमी का पता लगाया। उनकी समय पर सूचना के कारण दोषपूर्ण लोकोमोटिव को सेवा से हटा दिया गया, जिससे आगे की यात्रा सुरक्षित रूप से सुनिश्चित हो सकी। लोको पायलट (गुड्स) राकेश मीणा ने भी असाधारण सतर्कता का परिचय देते हुए ट्रेन परिचालन के दौरान ट्रैक पर अवरोध देखा। उन्होंने तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, अवरोध को सुरक्षित रूप से हटवाया तथा संबंधित अधिकारियों को सूचित किया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई।
अन्य मंडलों के कर्मचारियों को भी उनकी उत्कृष्ट सूझबूझ एवं त्वरित कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया। इन कर्मचारियों ने ब्रेक बाइंडिंग, रेल फ्रैक्चर, हॉट एक्सल, लटकते भाग, ओएचई दोष एवं ट्रैक में अनियमितताओं जैसी गंभीर संरक्षा संबंधी कमियों का समय रहते पता लगाया तथा उनका निराकरण सुनिश्चित किया। उनके प्रयासों से पश्चिम रेलवे में संरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।













