टेक्सटाइल उद्योग एवं व्यापार को तत्काल राहत पैकेज की मांग: चम्पालाल बोथरा

सूरत, 4अप्रैल। देश का टेक्सटाइल, गारमेंट उद्योग तथा इससे जुड़ा विशाल ट्रेडिंग सेक्टर वर्तमान में अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब—Erode, Tiruppur, Surat, Ahmedabad, Mumbai, Jaipur panipat ludhiyana Bhilwara एवं Bhiwandi—में उत्पादन की गति थमने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं। वैश्विक उथल-पुथल और वेस्ट एशिया में जारी युद्ध ने इस पूरे इकोसिस्टम को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए Confederation of All India Traders (CAIT) की टेक्सटाइल एवं गारमेंट समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल को पत्र लिखकर व्यापारियों, मैन्युफैक्चरर्स एवं टेक्सटाइल उद्योग के सभी घटकों के लिए तत्काल विशेष राहत पैकेज की मांग की है।

बोथरा ने आगे कहा कि लगभग 40–45% MSME उद्यमी और छोटे व्यापारी डिफॉल्ट की स्थिति में पहुंच रहे हैं। बैंक लोन की EMI और वर्किंग कैपिटल की कमी के चलते अनेक इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं। बोथरा ने बताया की  यह केवल व्यापार का संकट नहीं है, बल्कि करोड़ों परिवारों के जीवन और रोजगार से जुड़ा विषय है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका प्रभाव पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।”

बोथरा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सभी टेक्सटाइल MSMEs एवं व्यापारियों को 6 से 12 माह की राहत दी जायें। Interest Subvention योजना को पुनः लागू किया जाए गैस एवं बिजली दरों पर तत्काल सब्सिडी दी जायें। रिफंड प्रक्रिया को फास्ट-ट्रैक किया जाए। बिना अतिरिक्त कोलैटरल के क्रेडिट लिमिट बढ़ाई जाए तथा मजदूर पलायन रोकने हेतु विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की जायें।