
सूरत, 1मई। बीते मंगलवार को फोस्टा कार्यालय में जीएसटी विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कपड़ा व्यवसाय मे जीएसटी से जुडें मुद्दों पर विचार-विमर्श हेतु एक महत्वपूर्ण मीटिंग आयोजित की गई।इस बैठक में जीएसटी विभाग की ओर से डीजीटीएस के प्रिंसिपल एडीजी सुशिल कुमार, जॉइंट एडीजी चंचल तिवारी तथा असिस्टेंट कमिश्नर सीजीएसटी कमल अग्रवाल उपस्थित रहे।
मीटिंग का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों द्वारा जीएसटी से संबंधित आ रही समस्याओं एवं जटिलताओं को समझते हुए उन्हें संबंधित विभाग तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा। फोस्टा के महामंत्री दिनेश कटारिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सूरत कपड़ा बाजार में लहंगा पर जीएसटी दरों में हुए बदलाव के कारण व्यापारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि लहंगा,जिसमें लगभग 6.5 मीटर कपड़े का उपयोग होता है,यदि उसकी कीमत ₹2499 तक है तो उसे 5% जीएसटी स्लैब में रखा गया है जबकि ₹2500 या उससे अधिक होने पर उसे 18% जीएसटी स्लैब में रखा गया है। इस विषय को विस्तारपूर्वक अधिकारियों के समक्ष रखा गया। साथ ही लहंगा से संबंधित सहायक उत्पाद जैसे ठेली,फोम, फोटोग्राफी,पेपर कार्टून,पैकेजिंग बॉक्स आदि जो 18% जीएसटी स्लैब में आते हैं, के कारण 5% और 18% के बीच बार-बार आने वाली कर जटिलताओं पर भी चर्चा की गई।
फोस्टा की ओर से यह सुझाव रखा गया कि इन सभी उत्पादों को एक समान कर संरचना में लाकर 5% जीएसटी के दायरे में शामिल किया जाए, जिससे कर प्रणाली सरल हो सके। साथ ही यह भी प्रस्ताव रखा गया कि लहंगा पर ₹7500 तक 5% जीएसटी लागू किया जाए, जिससे मिडिल एवं लोअर क्लास व्यापारियों को राहत मिल सके तथा व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो। इसके अतिरिक्त, मीटिंग में टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी एवं आरएंडडी सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया जिससे सूरत के कपड़ा व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके। इससे नई पीढ़ी को भी इस क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और वे केवल ट्रेडर ही नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरर बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।मीटिंग के दौरान आईटीसी-04 से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
अंत में, अधिकारियों द्वारा सभी सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और आश्वासन दिया गया कि प्रस्तुत सुझावों को संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाकर उनके समाधान हेतु पूर्ण प्रयास किया जाएगा। साथ ही फोस्टा द्वारा शीघ्र ही एक सर्वे फॉर्म जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से व्यापारियों से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से 18% जीएसटी लहंगे एवं कपड़े से सम्बंधित वेल्यु एडिशन जी वस्तुए जो उपयोग में ली जाती है और पैकिंग में ठेली और बोक्स का प्रयोग किया जाता है उनके साथ मार्केट में अन्य वस्तुए जैसे डायमंड, प्लास्टिक बॉक्स इत्यादि कपड़े से जुड़े व्यवसाय इनके पर 18% GST है इन सभी का एक फॉर्म जारी कर विस्तृत जानकारी ली जाएगी| इस सर्वे का उद्देश्य अधिकतम संख्या में व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं को एक मंच पर एकत्रित कर उन्हें संगठित एवं सशक्त रूप में सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना है। इससे न केवल जीएसटी से जुड़ी जमीनी स्तर की कठिनाइयों का स्पष्ट आकलन हो सकेगा, बल्कि उनके समाधान हेतु ठोस एवं व्यावहारिक सुझाव भी तैयार किए जा सकेंगे। फोस्टा का यह प्रयास व्यापारियों की आवाज को मजबूत बनाते हुए जीएसटी प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी एवं व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
इस मीटिंग में फोस्टा से महामंत्री दिनेश कटारिया, उपाध्यक्ष गुलशन नंदवानी,नरेश चंगुलानी,सह सचिव हंसराज जैन, डायरेक्टर मोहनसिंह राजपुरोहित,नीरज अग्रवाल, शिवराज पारिक, सीए राजेश भाऊवाला,राहुल अग्रवाल,रोहित पोरवाल एवं अन्य मार्केट के पदाधिकारी उपस्थित रहे|














